छत्तीसगढ़
भू-जल स्तर मापन अभियान शुरू, जलदूत ऐप से होगा वैज्ञानिक डेटा संग्रहण
Shantanu Roy
24 May 2026 10:25 PM IST

x
छग
Dhamtari. धमतरी। जिले में भू-जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूत आधार देने के लिए प्री-मानसून 2026 के तहत भू-जल स्तर मापन अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में वैज्ञानिक तरीके से भू-जल स्तर का आकलन किया जाएगा और प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य की जल संरक्षण योजनाओं में किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार 25 मई से 15 जून तक संचालित किया जाएगा। पूरे जिले की ग्राम पंचायतों में चयनित खुले कुओं का मापन “जलदूत मोबाइल ऐप” के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्य का संचालन कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन एवं जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में भू-जल की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन करना है, ताकि पेयजल व्यवस्था, सिंचाई और जल संरक्षण योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। ग्रामीण विकास मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार यह मापन पूरी तरह वैज्ञानिक और एकरूप प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। निर्देशों के अनुसार, चयनित सभी कुओं का मापन एक ही दिन में किया जाएगा ताकि डेटा में समानता बनी रहे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मापन से 10 से 12 घंटे पहले कुएं से पानी का उपयोग या निकासी न की जाए, जिससे वास्तविक जल स्तर दर्ज हो सके।
मापन के दौरान केवल मीजरिंग टेप का उपयोग किया जाएगा। यदि कुएं की माप मुंडेर (पैरापेट) से ली जाती है, तो अंतिम जल स्तर निकालते समय उसकी ऊंचाई घटाकर वास्तविक गहराई दर्ज करनी होगी। प्रशासन ने सभी पंचायत स्तरीय कर्मचारियों को इस प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं। अभियान में सूखे कुओं को भी शामिल किया गया है। ऐसे मामलों में जल स्तर के स्थान पर कुएं की कुल गहराई दर्ज की जाएगी। प्री-मानसून 2026 के तहत “कुएं की कुल गहराई” नामक नया पैरामीटर जलदूत ऐप में जोड़ा गया है, जिससे भू-जल संरचना का विस्तृत विश्लेषण किया जा सकेगा।
डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मापन के दौरान फोटो लेना अनिवार्य किया गया है। फोटो में मीजरिंग टेप स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, ताकि मापन की प्रमाणिकता बनी रहे। पंचायत स्तर के कर्मचारियों को ऐप में दर्ज किए जाने वाले सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों और मैदानी अमले को इस कार्य के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि यह अभियान भविष्य में जल संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जलदूत ऐप के माध्यम से भू-जल स्तर मापन कार्य पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पंचायतों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भू-जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और यह अभियान जिले में जल प्रबंधन की मजबूत नींव तैयार करेगा। इससे न केवल वर्तमान स्थिति का आकलन होगा बल्कि भविष्य की योजनाओं को भी वैज्ञानिक आधार मिलेगा।
Tagsधमतरीभू-जल स्तर मापनजलदूत ऐपप्री-मानसून 2026कलेक्टर अबिनाश मिश्रागजेन्द्र सिंह ठाकुरजल संरक्षणग्रामीण विकास मंत्रालयखुले कुएं मापनछत्तीसगढ़ न्यूजजल प्रबंधनपंचायत अभियानDhamtarigroundwater level measurementJaldoot Apppre-monsoon 2026Collector Abinash MishraGajendra Singh Thakurwater conservationMinistry of Rural Developmentopen well measurementChhattisgarh Newswater managementPanchayat Abhiyan
Next Story





